डिग्री एवं डिप्लोमा में क्या अंतर होता है 

डिग्री में किसी सब्जेक्ट से सम्बंधित सम्पूर्ण ज्ञान दिया जाता है, जबकि डिप्लोमा में प्रेक्टिकल ज्ञान ज्यादा दिया जाता है। ज्यादातर नौकरी में डिग्री वाले स्टूडेंट को अधिक महत्व दिया जाता है। 

किन्तु डिप्लोमा का महत्व भी कम नहीं है। डिप्लोमा वाले स्टूडेंट को किसी कार्य का प्रेक्टिकल ज्ञान बहुत अच्छा होता है। डिप्लोमा में जॉब वर्क या एंटरप्रेन्योरशिप भी कराई जाती है।

एंटरप्रेन्योरशिप क्या होता है 

यदि हमें अच्छी नौकरी करना है, तो उसके लिए डिग्री बहुत महत्वपूर्ण है। डिप्लोमा वालों को भी अच्छी नौकरी मिलती है, एवं उनके अनुभव के अनुसार उनकी सीनियरिटी भी बढ़ती जाती है। कई बार डिप्लोमा वालो को उनके अनुभव के अनुसार डिग्री वालों के भी ऊपर रखा जाता है। 

यदि किसी को कोई उद्यम (स्वयं का बिज़नेस) करना हो तब डिग्री या डिप्लोमा से कोई फर्क नहीं पड़ता है। डिग्री या डिप्लोमा वालो को लोन मिल जाता है। या वे स्वयं की पूंजी से उद्योग शुरू कर सकते है।

हमारे देश में कई सरकारी व प्राइवेट संस्थान डिप्लोमा कोर्स करवाते है। जैसे आय.टी.आय एवं पॉलोटेक्निक कॉलेजे आदि।